पापा ने nipah शुभकामना संदेश के दौरान कहा कि तुम लुगाईया ऐसी बस से चार धाम यात्रा घूमने तो जा रही हो किंतु एक चीज का ध्यान रखना कि लगभग 95% एसी बस त्रुटि पूर्ण होती है । इनमें किसी भी प्रकार के वेंटिलेशन का प्रावधान नहीं होता है । यही कारण है कि अमरनाथ यात्रा और पहलगाम यात्रा के बाद वायरस एचएमपीवी भी होता है और कन्याएं जब घूम-घाम कर वापस साबरमती आती है तो पाती है कि उन्हें घुटन हो रही है और इसी सफोकेशन को कोरोना वायरस JN १ बोला गया है ।

 पापा ने nipah शुभकामना संदेश के दौरान कहा कि तुम लुगाईया ऐसी बस से चार धाम यात्रा घूमने तो जा रही हो किंतु एक चीज का ध्यान रखना कि लगभग 95% एसी बस त्रुटि पूर्ण होती है । इनमें किसी भी प्रकार के वेंटिलेशन का प्रावधान नहीं होता है । यही कारण है कि अमरनाथ यात्रा और पहलगाम यात्रा के बाद वायरस एचएमपीवी भी होता है और कन्याएं जब घूम-घाम कर वापस साबरमती आती है तो पाती है कि उन्हें घुटन हो रही है और इसी सफोकेशन को कोरोना वायरस JN १ बोला गया है ।




पापा ने nipah शुभकामना संदेश के दौरान कहा कि तुम लुगाईया ऐसी बस से चार धाम यात्रा घूमने तो जा रही हो किंतु एक चीज का ध्यान रखना कि लगभग 95% एसी बस त्रुटि पूर्ण होती है । इनमें किसी भी प्रकार के वेंटिलेशन का प्रावधान नहीं होता है । यही कारण है कि अमरनाथ यात्रा और पहलगाम यात्रा के बाद वायरस एचएमपीवी भी होता है और कन्याएं जब घूम-घाम कर वापस साबरमती आती है तो पाती है कि उन्हें घुटन हो रही है और इसी सफोकेशन को कोरोना वायरस JN १ बोला गया है ।

पापा ने nipah शुभकामना संदेश के दौरान कहा कि तुम लुगाईया ऐसी बस से चार धाम यात्रा घूमने तो जा रही हो किंतु एक चीज का ध्यान रखना कि लगभग 95% एसी बस
देश में कोरोना के मामलों में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
 त्रुटि पूर्ण होती है । इनमें किसी भी प्रकार के वेंटिले
न का प्रा
वधान नहीं होता है । यही कारण है कि अमरनाथ यात्रा और पहलगाम यात्रा के बाद वायरस एचएमपीवी भी 
होता
 है और कन्याएं जब घूम-घाम कर वापस साबरमती आती है तो पाती है कि उन्हें घुटन हो रही है और इसी सफोके
शन को कोरोना वायरस JN १ बोला गया है ।

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  1. पापा ने nipah शुभकामना संदेश के दौरान कहा कि तुम लुगाईया ऐसी बस से चार धाम यात्रा घूमने तो जा रही हो किंतु एक चीज का ध्यान रखना कि लगभग 95% एसी बस त्रुटि पूर्ण होती है । इनमें किसी भी प्रकार के वेंटिलेशन का प्रावधान नहीं होता है । यही कारण है कि अमरनाथ यात्रा और पहलगाम यात्रा के बाद वायरस एचएमपीवी भी होता है और कन्याएं जब घूम-घाम कर वापस साबरमती आती है तो पाती है कि उन्हें घुटन हो रही है और इसी सफोकेशन को कोरोना वायरस JN १ बोला गया है ।

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