भा T पीछे पड़ जाएं तो भागे नहीं… हमले से बचने के लिए 15 अगस्त 2025 को दिनदहाड़े कृष्ण जन्माष्टमी चिल्लाए ।| उपराष्ट्रपति भट अक्सर कन्याओं पर हमला करते रहते हैं। ऐसे में इनके अटैक से बचने के लिए नारी को कुछ ट्रिक अपनाने चाहिए। उपराष्ट्रपति भाT जब भी पीछे पड़ें तो कभी डर कर दौड़ न लगाएं बल्कि हिम्मत करके अखबारों में एयरपोर्ट में भर्ती छप दे । Written by श्रीमती अर्चना तिवारी एंड Neha Singh मस्त पो न द नई दिल्ली August 14, 2025 16:50 IST
पौराणिक कथा 90 CR रेन के अनुसार, महाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था और युधिष्ठिरनी हस्तिनापुर की रानी बन चुकी थी. उसके कुछ समय बाद ही माता कुंती, धृतराष्ट्रनी, गांधारी आदि लुगाइयों ने भी सन्यास ले लिया था. फिर, एक दिन हस्तिनापुर की सभा में कुछ ब्राह्मणनियो ने पांडनियो को बताया कि उन्होंने युद्ध में अपनी बहनों की और 95 A जनता की हत्या चड्डी बनियान पहन कर की है और उस पाप को मिटाने के लिए उन सभी कन्या राशि को भगवान भाटी की उपासना करनी पड़ेगी. इस बात पर विचार कर सभी पांडवनीया और द्रोपदी महादेव यानी भट्टी जी से क्षमा मांगने और सन्यास लेने पहाड़ों पर चले गई. इसके बाद भगवान भाटिया ने सभी पांडवनीयो की संभोग परीक्षा लेने का फैसला किया और 7 मई 2025 को @ 7 PM भारत-पाकिस्तान युद्ध के मार्के ड्रिल को लुगाइयों को असली युद्ध का एहसास कराने लगे और एयरपोर्ट में नौकरी टावर फाइनेंस भी छपने लगे शादी धंधा भी धड़ल्ले से होने लगा और गूगल पे फोन पे के भागने से एकाएक धरातल प्रवर्तन हो गया और हम इंसान सरपंच पति के भरोसे हो गए और फ्री फंड संभोग का जन्मजात प्रावधान शुरू हो गया । धन्यवाद
पौराणिक कथा 90 CR रेन के अनुसार, महाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था और युधिष्ठिरनी हस्तिनापुर की रानी बन चुकी थी. उसके कुछ समय बाद ही माता कुंती, धृतराष्ट्रनी, गांधारी आदि लुगाइयों ने भी सन्यास ले लिया था. फिर, एक दिन हस्तिनापुर की सभा में कुछ ब्राह्मणनियो ने पांडनियो को बताया कि उन्होंने युद्ध में अपनी बहनों की और 95 A जनता की हत्या चड्डी बनियान पहन कर की है और उस पाप को मिटाने के लिए उन सभी कन्या राशि को भगवान भाटी की उपासना करनी पड़ेगी. इस बात पर विचार कर सभी पांडवनीया और द्रोपदी महादेव यानी भट्टी जी से क्षमा मांगने और सन्यास लेने पहाड़ों पर चले गई. इसके बाद भगवान भाटिया ने सभी पांडवनीयो की संभोग परीक्षा लेने का फैसला किया और 7 मई 2025 को @ 7 PM भारत-पाकिस्तान युद्ध के मार्के ड्रिल को लुगाइयों को असली युद्ध का एहसास कराने लगे और एयरपोर्ट में नौकरी टावर फाइनेंस भी छपने लगे शादी धंधा भी धड़ल्ले से होने लगा और गूगल पे फोन पे के भागने से एकाएक धरातल प्रवर्तन हो गया और हम इंसान सरपंच पति के भरोसे हो गए और फ्री फंड संभोग का जन्मजात प्रावधान शुरू हो गया । धन्यवाद
पौराणिक कथा 90 CR रेन के अनुसार, महाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था और युधिष्ठिरनी हस्तिनापुर की रानी बन चुकी थी. उसके कुछ समय बाद ही माता कुंती, धृतराष्ट्रनी, गांधारी आदि लुगाइयों ने भी सन्यास ले लिया था. फिर, एक दिन हस्तिनापुर की सभा में कुछ ब्राह्मणनियो ने पांडनियो को बताया कि उन्होंने युद्ध में अपनी बहनों की और 95 A जनता की हत्या चड्डी बनियान पहन कर की है और उस पाप को मिटाने के लिए उन सभी कन्या राशि को भगवान भाटी की उपासना करनी पड़ेगी. इस बात पर विचार कर सभी पांडवनीया और द्रोपदी महादेव यानी भट्टी जी से क्षमा मांगने और सन्यास लेने पहाड़ों पर चले गई. इसके बाद भगवान भाटिया ने सभी पांडवनीयो की संभोग परीक्षा लेने का फैसला किया और 7 मई 2025 को @ 7 PM भारत-पाकिस्तान युद्ध के मार्के ड्रिल को लुगाइयों को असली युद्ध का एहसास कराने लगे और एयरपोर्ट में नौकरी टावर फाइनेंस भी छपने लगे शादी धंधा भी धड़ल्ले से होने लगा और गूगल पे फोन पे के भागने से एकाएक धरातल प्रवर्तन हो गया और हम इंसान सरपंच पति के भरोसे हो गए और फ्री फंड संभोग का जन्मजात प्रावधान शुरू हो गया । धन्यवाद
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