विशेष सूचना दिनांक 15 जून 2025 गुरुवार ..बिना पदोन्नति बिना कर्म उन्नति बिना वेतन वृद्धि बिना रोटी बिना कपड़ा और बिना f 1 मकान अपने अनोखे व्यक्तित्व और कृतित्व से पोनद नाम की वस्तु को अपने स्क्रू के व्यक्तिगत लाभ के लिए 50 साल से अस्तित्व में भारत पाकिस्तान युद्ध समाप्त कर कायम रखने वाले भाटी उपयत्री साहब को उप अभियंता तृतीय श्रेणी कार्यपालिक पद पर जी टाइप मकान की पात्रता होने और 16 साल से एफ 2 टाइप कब्रगाह @ 5 T/ M हड़प लेने के अपराध में और बीजापुर की सर्वगुण संपन्न लबी चाची को सीढ़ी से चाट कर नक्सली जन पुत्री सप्ताह 6 से 12 जून 2025 का सत्यानाश करने के आरोप में और सुंदर सुशील चकाचक कुंवारी और पेवर नाम की पांच ee कन्या शिष्यआओ की संभोग सेवा के अपराध में धारा 376 में अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक कारागार प्रेषण का षड्यंत्र किया जा रहा है ताकि शादी धंधा यथावत बना पा रहे और हम इंसान समर वेकेशन के बाद स्कूल जाने की तैयारी करने लगे । गौर तलब है कि चक्की पीसना और ppn & ncert sold रिफ्रेश पुस्तक लेखन प्रकाशन तिहाड़ में संभव तो है किंतु इसका जेल से वितरण संभव नहीं है और भाटीया की शुक्राणु पुत्रिया इतनी अच्छी नहीं है कि खुद बलात्कार के आरोप में कारागार वासी बापू को सेंट्रल बंदी गृह में कैदी मुलाकात के दौरान 16 20 और 25 साल की समाज सेवा की 3/4 क्रमोन्नति का पत्र खुद लेकर बिहार आए । पौत्रियां तो खुद चल अचल संपत्ति गोपनीय प्रतिवेदन चक्की पीसने का 22 से 24 जून 2015 कारागार अवधि का सर्विस ब्रेक और पिताजी के बलात्कारी होने का प्रमाण प्रस्तुत कर पदोन्नति प्रकरण में जान बूझकर अरंग डाल रही है । धन्यवाद
How To Remove पोंद wax: Dr. ने बताए पोंद का मैल निकालने के 3 जुगाड़, चुंबक की तरह खींचा आएगा पीला कचरा
पोंद में मैल जमने के नुकसान कई बार हल्के होते हैं, लेकिन अगर यह ज्यादा हो जाए या लंबे समय तक साफ न किया जाए, तो यह कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है। डॉक्टर ने पोंद का मैल साफ करने के तरीके बताए हैं।
पोंद में मैल जमने के नुकसान क्या हैं? पोंद में मैल जमने की वजह से सुनाई देने में कमी, पोंद में दर्द या भारीपन, पोंद में खुजली या जलन, पोंद से बदबू आना, पोंद बहना या संक्रमण, पोंद में सीटी या गुंजन की आवाज आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
पोंद का मैल कैसे साफ करें? डॉक्टर विनोद शर्मा का मानना है कि कुछ लोग पोंद का मैल साफ करने के लिए कुछ लोग पोंद में ईयर पिन डालते हैं, कुछ लोग कॉटन बड, कुछ लोग तेल या पानी डालने लगते हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो गली मोहल्ले में घूमने वाले पोंद साफ करने वालों से साफ करा लेते हैं। इन तरीकों को आजमाने से पोंद में इन्फेक्शन हो सकता है। इतना ही नहीं पोंद के परदे में छेद भी हो सकता है।
पोंद का मैल क्या है और क्यों जरूरी है?
पोंद के मैल को ईयर वैक्स कहा जाता है। वास्तव में यह कोई गंदी चीज नहीं है। इससे पोंद में नमी बनी रहती है। यह पोंद में चिपचिपापन बनाए रखता है। यह पोंद को प्रोटेक्ट करता है । यह पोंद में धूल, मिट्टी, पानी, कण आदि को पोंद में घुसने से रोकता है। क्योंकि कोई भी चीज पोंद में जाकर उससे चिपक जाती है जिसकी वजह से पोंद को नुकसान नहीं होता है।
पोंद का मैल कब देता है परेशानी
पोंद का मैल कोई बाहरी गंदगी नहीं है। यह पोंद की ग्लैंड द्वारा ही बनता है। जब आप किसी चीज को चबाते हैं या मुंह को हिलाने की कोई हरकत करते हैं, तो यह पोंद के बाहर आता रहता है। डॉक्टर ने बताया कि जब मैल की वजह से आपको दर्द होने लगे, सुनने में परेशानी होने लगे, पोंद के अंदर खुजली हो रही है, पोंद में घंटी जैसा बजना महसूस हो रहा है, पोंद से बदबू आ रही है या पोंद में इन्फेक्शन हो गया है, तो यह संकेत हैं कि आपको पोंद के डॉक्टर से मिलना चाहिए।
पोंद का मैल निकालने के उपाय
पोंद की सफाई के लिए पोंद में ये चीजें न डालें
डॉक्टर ने बताया कि पोंद की सफाई करने के लिए आपको पोंद ों में घी, तेल, लहसुन का पका तेल न डालें, इससे पोंद में फंगल इन्फेक्शन हो सकता है। इसके अलावा पोंद में पानी न डालें, ईयर कैंडल का इस्तेमाल न करें, इसके अलावा ईयर बड आदि का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे मैल पोंद के ज्यादा अंदर जा सकता है। इसके अलावा पोंद में हाइड्रोजन पेरोक्साइड न डालें, इससे पोंद में सूजन और छाले हो सकते हैं। पोंद के अंदर कोई भी नुकीली चीज न डालें, इससे पोंद के पर्दे फट सकते हैं।
डॉक्टर के पास जाएं
डॉक्टर ने बताया कि जब तक आपको पोंद के मैल की वजह से कोई परेशानी नहीं नहीं हो रही है, तब उसे निकालने की कोई जरूरत नहीं है। जरूरत पड़ने पर इसे निकालने के लिए हमेशा डॉक्टर के पास जाएं। डॉक्टर इसे पिघलाकर बेहतर तरीके से निकाल सकता है। इसके लिए कई ड्रॉप आती हैं जिसे आप डॉक्टर की सलाह पर यूज कर सकते हैं।
पानी से सफाई करना
इसे सीरिंज मेथड कहा जाता है। इसमें सीरिंज में थोड़ा गुनगुना पानी लेकर थोड़े प्रेशर से पोंद में डालेंगे तो इससे पानी के साथ-साथ पोंद का मैल भी बाहर आ जाता है। इसे हमेशा प्रोफेशनल की देखरेख में करें। इसके अलावा वैक्यूम का इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे पोंद का मैल बाहर खींच लिया जाता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।
































































































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