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पुत्री तुझे शर्म नहीं आती रूस यूक्रेन करती है - दिनदहाड़े ? Daughter, aren't you ashamed ? Russia and Ukraine war in broad daylight. पापी तू खुद राजकुमारी सरपंच की पूजा को कम कर आ रहा है .. You sinner, you yourself are diminishing the worship of the princess BAGHEL Sarpanch ...

 पुत्री तुझे शर्म नहीं आती रूस यूक्रेन करती है - दिनदहाड़े ?

Daughter, aren't you ashamed ? Russia and Ukraine war in broad daylight.

पापी तू खुद राजकुमारीस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि पंच की पूजा को कम कर आ रहा है .. 

 You sinner, you yourself are diminishing the worship of the princess BAGHEL Sarpanch ... 




पुत्री तुझे शर्म नहीं आती रूस यूक्रेन करती है - दिनदहाड़े ?

Daughter, aren't you ashamed ? Russia and Ukraine war in broad daylight.

पापी तू खुद राजकुमारीस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि पंच की पूजा को कम कर आ रहा है .. 

 You sinner, you yourself are diminishing the worship of the princess BAGHEL Sarpanch ... इस कारण आदिवासी समाज आंदोलन के लिए बाध्य है एवं 30 दिसंबर 2024 को आदिवासी 

आदिवासी सेंगेल अभियान ने किया 30 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान,स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म को मान्यता देने की मांग

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नई दिल्ली। आदिवासी संगठन आदिवासी सेंगेल अभियान (आदिवासी सशक्तिकरण अभियान के लिए संथाली शब्द) ने भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र द्वारा अलगस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की घोषणा नहीं करने के विरोध में 30 दिसंबर को भारत बंद की धमकी दी है।

आदिवासी संगठन अब अपनी अलग धार्मिक पहचान को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने को मूड में दिख रहे हैं। आदिवासी लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि जनगणना के समय धर्म वाले कॉलम में छह धर्मों के साथस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म को भी जोड़ा जाए। ऐसा नहीं होने से आदिवासियों को हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, जैन और सिख धर्म में से किसी एक धर्म को चुनने के लिए विवश किया जा रहा है।

15 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उलिहातु यात्रा के बाद आदिवासियों का धैर्य जवाब दे गया। आदिवासियों को विश्वास था कि पीएम मोदी जनजातीय गौरव यात्रा के शुभारम्भ करते समयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म को मान्यता देने की घोषणा करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मयूरभंज (ओडिशा) से पूर्व भाजपा सांसद सालखन मुर्मू ने कहा कि “हमने केंद्र को एक अलगस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की घोषणा करने के लिए साल के अंत तक का समय दिया था और उम्मीद थी कि उलिहातु यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री कम से कमस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड के लिए आदिवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग का उल्लेख करेंगे। लेकिन दुर्भाग्य से इस बात का कोई जिक्र नहीं था। अब हम 30 दिसंबर को भारत बंद आंदोलन के साथ आगे बढ़ेंगे।”

प्रधानमंत्री की झारखंड यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “आत्मदाह की धमकी देने वाले हमारे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। मुझे घर में नजरबंद कर दिया गया और यहां तक कि जमशेदपुर में बिरसा मुंडा की प्रतिमा के पास अनशन पर भी नहीं बैठने दिया गया। हमारे पास 30 दिसंबर को भारत बंद के अलावा कोई विकल्प नहीं है।”

आदिवासी नेता ने धमकी दी कि वे 30 दिसंबर को उन सात राज्यों में परिवहन, सड़क और रेलवे दोनों को ठप कर देंगे जहां वे सक्रिय हैं।

मुर्मू ने धमकी दी कि “हम सात राज्यों झारखंड, ओडिशा, बंगाल, बिहार, असम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश से खनिजों और कोयले के परिवहन की अनुमति नहीं देंगे। इन सभी राज्यों में हमारे कार्यकर्ता हैं और वे इन राज्यों में परिवहन को बाधित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।”

गौरतलब है कि झारखंड में आदिवासी, जिनमें से अधिकांशस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि अनुयायी और प्रकृति उपासक हैं, दशकों से भारत में एक अलग धार्मिक पहचान के लिए लड़ रहे हैं और हाल के वर्षों में उन्होंने दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में आंदोलन किया है।

आदिवासियों का तर्क है कि जनगणनास्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि ्वेक्षणों में एक अलगस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धार्मिक कोड के कार्यान्वयन से आदिवासियों कोस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म के अनुयायियों के रूप में पहचाना जा सकेगा।

झामुमो के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने भी भाजपा के ‘आदिवासियों और झारखंड, मणिपुर और मिजोरम जैसे आदिवासी बहुल राज्यों के प्रति वास्तविक प्रेम’ पर कटाक्ष किया।

भट्टाचार्य ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए और योजनाओं की घोषणा की, लेकिनस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि पर एक शब्द भी नहीं बोला, जिसे 2020 में राज्य विधानसभा द्वारास्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि ्वसम्मति से पारित किया गया और केंद्र को भेजा गया। लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। यह प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी (भाजपा) का आदिवासियों के प्रति सच्चा प्रेम दर्शाता है। दुर्भाग्य से, रांची में बीमार पीएसयू हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा गया, जिसके कर्मचारियों को 19 महीने से वेतन नहीं मिला है। ऐसा लगता है कि मोदी जी एचईसी को भी अपने पसंदीदा कॉर्पोरेट मित्रों को बेचना चाहते हैं।”

आदिवासियों केस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धार्मिक कोड पर निर्णय केंद्र के पास लंबित

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का झारखंड में स्वागत है लेकिन आदिवासियों के लिए ‘स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि ’ धार्मिक कोड को मान्यता देने का फैसला केंद्र के पास लंबित है। हमने उन्हें (आदिवासियों के लिए अलगस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धार्मिक कोड की मांग से संबंधित) सभी कागजात पहले ही भेज दिए हैं… अब, उन्हें इस पर निर्णय लेना है।

उन्होंने कहा कि यह संहिता यह पहचानने के लिए आवश्यक है कि आदिवासी अन्य धर्मों के अनुयायियों से अलग हैं, साथ ही उनके संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी।

सितंबर में पीएम को लिखे पत्र में उन्होंने आदिवासियों के धार्मिक अस्तित्व और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनके लिए ‘स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि ’ कोड को मान्यता देने की मांग की थी और दावा किया था कि पिछले आठ दशकों में झारखंड में आदिवासियों की आबादी 38 फीसदी से घटकर 26 फीसदी रह गई है।

(जनचौक की रिपोर्ट।)

भारत बंद और रेल रोड चक्का जाम करेंगे. केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा.स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड को लेकर पूरे देश में वृ

Bharat bandh called on Dec 30 for recognition of स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि religion 

Tribals wearing traditional attire take part in a Maharally demanding separate 'स्वर्गीय श्रीमती डी के  भाटी स्वादिष्ट योनि  Dharm Code' for tribals, at Morhabadi grounds in Ranchi, on Mar 12, 2024. (Photo | PTI)

ASA is in favo हद आंदोलन चलाया जा रहा. 30 दिसंबर को भारत बंद ऐतिहासिक होगा.14 Dec 2024

रना धर्म कोड को लेकर समन्वय समिति ने की मीटिंग, 30 दिसंबर को भारत बंद…

Khunti स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि Dharma Code : स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म समन्वय समिति खूंटी (स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि Dharma Coordination Committee) के सदस्यों की रविवार को स्थानीय डाक बंगला परिसर मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड संबंधी विशेष बैठक (Meeting) आयोजित की गई।

बैठक मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि ्वसम्मति से 30 दिसंबर कोस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म की मांग को लेकर प्रस्तावित भारत बंद तथा रेल रोड चक्का जाम का समर्थन करने का निर्णय लिया गया।

इस अवसर पर पड़हा राजा सोमा मुंडा (Padha Raja Soma Munda) ने कहा किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड भारत के लाखों प्रकृति पुजकों के अस्तित्व, पहचान, हिस्सेदारी की जीवनरेखा है।

30 दिसंबर

स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड को मान्यता देने की मांग को लेकर शनिवार को आदिवासी सेंगल अभियान के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। जाम लगाया। ट्रेनें रोकीं। आदिवासी सेंगल अभियान ने शनिवार को भारत बंद और रेल चक्का जाम करने का आह्वान किया ​था। इस बंद का शहरी क्षेत्रों में असर नह

 को भारत बंद व रेल-रोड चक्का करेंगे जाम, तैयारी तेज,स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि ...

Bharat bandh called on Dec 30 for recognition of स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि religion The National Commission for Scheduled Tribes has suggested that स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि religion be accorded independent category in the religion code of the census. PTI Last Updated : 27 December 2024, 1...


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आदिवासीस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड़ को अविलंब लागू करें भारतस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कार, लगभग 15 करोड़ आदिवासियों का अस्तित्व और पहचान


संवाददाता अनिल कुमार हांसदा।

नवाडीह/बोकारो (झारखंड)। दिनांक 28/01/2024 नवाडीह प्रखंड अन्तर्गत काछो पंचायत  के गोड़ गोड़वा गांव में आदिवासी सेंगेल अभियान के तत्वाधान में लालू मुर्मू की अध्यक्षता मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड जन‌ जागरण सभा की गई। संचालन जागेश्वर मुर्मू सेंगेल संयोजक नवाडीह प्रखंड ने किया।

 मुख्य अतिथि के रूप में बोकारो जोनल‌ संयोजक जयराम सोरेन उपस्थित हुए श्री सोरेन ने अपने वक्तव्य में कहा कि "स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड" भारत के प्रकृति पूजक लगभग 15 करोड़ आदिवासियों के अस्तित्व, पहचान, हिस्सेदारी की जीवन रेखा है। मगर आदिवासियों को उनकी धार्मिक आजादी से वंचित करने के लिए कांग्रेस - बीजेपी दोषी हैं। 1951 की जनगणना तक यह प्रावधान था। जिसे बाद में कांग्रेस ने हटा दिया और अब भाजपा जबरन आदिवासियों को हिंदू बनाना चाहती है। 2011 की जनगणना में 50 लाख आदिवासियों नेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म लिखाया था जबकि जैन की संख्या 44 लाख थी। अतः आदिवासियों को मौलिक अधिकार से वंचित करना संवैधानिक अपराध जैसा है।स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड के बगैर आदिवासियों को जबरन हिंदू, मुसलमान, ईसाई आदि  बनाना धार्मिक गुलामी को मजबूर करना एवं धार्मिक नरसंहार जैसा है।स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मान्यता मानवता और प्रकृति- पर्यावरण की सुरक्षार्थ भी अनिवार्य है।स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि हेतु मान्य प्रधानमंत्री का उलिहातू  दौरा (15.11.23) और महामहिम राष्ट्रपति का बारीपदा दौरा (20.11.23) भी बेकार साबित हुआ है।

"स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड" भारत के प्रकृति पूजक लगभग 15 करोड़ आदिवासियों के अस्तित्व, पहचान, हिस्सेदारी की जीवन रेखा - जयराम सोरेन

उपरोक्त तथ्यों के आलोक में आदिवासी सेंगेल अभियान अन्य आदिवासी संगठनों के सहयोग से 30 दिसंबर 2024 को सांकेतिक भारत बंद और रेल- रोड चक्का जाम को बाध्य हुआ था। 30 दिसम्बर 2024 के  भारत बंद और रेल- रोड चक्का जाम का जोरदार असर अनेक प्रदेशों में हुआ। जिसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमर उजाला, दिल्ली ने लिखा कि केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मान्यता के लिए रेल-रोड चक्का जाम के बदले उचित मंच पर संवाद सही है और अमर उजाला के अनुसार राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, दिल्ली ने प्रकृति पूजक आदिवासियों कोस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड देने की सिफारिश किया है। आदिवासी समाज उपरोक्त तथ्यों को सही दिशा में सकारात्मक पहल मानती है एवं इसका स्वागत करती है। अमर उजाला का समाचार संलग्न है। 30 दिसम्बर, 2024 के भारत बंद की जानकारी मान्य प्रधानमंत्री को 28 अक्टूबर 2024 के पत्र और रांची में आयोजित 8 नवंबर, 2024 केस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड जनसभा द्वारा प्रदान की गई थी।.prabhatkhabar.com › Badi Khabar

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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर उतरे आदिवासी।

आद्रा प्रमंडल के अधीन काटाडीह ओर चांडिल स्टेशन में रेलवे ट्रैक पर उतरे आदिवासी, सारना धर्म कोड की कर रहे हैं मांग, एक घंटा बंद रहा रेलवे मार्ग।।

शशि भूषण महतो,दैनिक समाज जागरण, अनुमंडल संवाददाता(चांडिल)

चांडिल : पूर्व घोषित एकदीवसीय भारत बंद के तहत आदिवासी समाज के लोगों ने आद्रा रेल डिवीजन के अधीन कटाडीह रेलवे स्टेशन ओर चांडिल रेलवे स्टेशन तथा रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से जाम कर दिया है। जिससे इस रूट में चलने वाली सभी ट्रेन अलग-अलग स्टेशनों पर रुकी हुई है। बता दें कि आदिवासी समाज के लोगों नेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड एवं अन्य मांगों को लेकर आदिवासी सेंगेल अभियान द्वारा सांकेतिक भारत बंद और रेल रोड चक्का जाम के तहत इस रेलवे ट्रैक को जाम किया है। इस रेल चक्का जाम के नेतृत्वकर्ता सोनाराम सोरेन ने कहा कि आदिवासियों को भी धार्मिक आजादी होना चाहिए, संविधान के अनुसार धार्मिक आजादी पर किसी की पाबंदी नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना में आदिवासियों की संख्या 50 लाख थी जबकि जैन की संख्या 44 लाख थी।स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कार ने जैन धर्म को अपनी संवैधानिक अधिकार दे दिया है परंतु आदिवासियों को अपना हक नही मिला है।

उन्होंने कहा कि पिछले दिन उलीहातु में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम था उस समय आदिवासियों कोस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की सौगात मिल सकती थी परंतु प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक की हमारी मांगे पुरी नहीं हो जाती है। इसी अगला आंदोलन को जारी रखते हुए सांकेतिक रुप से भारत बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 10 दिसंबर को मधुबन गिरिडीह में मारंगबुरू बचाओ अभियान, 17 दिसंबर को चाईबासा में सेंगेल जनजागरण सभा तथा 22 दिसंबर को दुमका में हासा भाषा विजय दिवस का आयोजन भी किया गया है। मौके पर भारत के सेंगेल दिशोम परगना सोनाराम सोरेन, सेंगेल अभियानस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि ायकेला खरसावां जिला मुख्य संयोजक कालीपद टुडू, सुरेन हांसदा, सुनील मुर्मू, उदय मुर्मू, श्रीनंद सोरेन, धीरेंद्र नाथ बास्के, बुद्धेश्वर मुर्मू, बलराम मुर्मू, गीनू माझी, महावीर टुडू, सोनु मांडी, सिंकु हांसदा तथा काफी संख्या में आदिवासी समाज के महिला पुरुष मौजूद थे।

   

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Bharat Band over स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि Dharma Code. झारखंड में भारत बंद का आंशिक असर दिया.स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड को लेकर कहीं कहीं आदिवासी संगठन के कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम किया तो कहीं पर दुकाने भी बंद कराई.

जमशेदपुर/चाईबासा/खूंटी: स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर बुलाए गए भारत बंद का झारखंड में मिला जुला असर रहा. झारखंड के कई जिलों इसका कोई असर नहीं दिखा तो पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम और खूंटी में आंशिक असर दिखा. आदिवासी संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर कहीं रोड जाम किया तो कहीं दुकानें बंद कराई.

पूर्वी सिंहभूम में मिला-जुला असर: जमशेदपुर में आदिवासी सेंगल अभियान द्वारा आहूत भारत बंद का असर करनडीह में देखने को मिला. जहां बंद समर्थकों ने टाटा-हाता चाईबासा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. बंद समर्थकों का कहना है किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड लागू करने की मांग काफी पुरानी है, लेकिन केंद्रस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कार इसे मान्यता नहीं दे रही है. बंद समर्थकों ने वर्तमान झारखंडस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कार पर भी निशाना साधा है. बंद समर्थक करनडीह चौक के पास भारी संख्या में सड़क पर उतरे. ये लोगस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड लागू करो के नारे लगा रहे थे. बंद समर्थकों में महिलाएं भी शामिल थीं. जमशेदपुर के करनडीह चौक के आस पास की दुकाने बंद रहीं जबकि शहर में बंद का असर नहीं दिखा.

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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म को

घाटशिला| आदिवासी सेंगल अभियान नेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 30 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। अभियान ने उस दिन अपनी मांगों के समर्थन में चक्का जाम करने का भी निर्णय लिया है। सेंगल प्रमुख सालखन मुर्मू ने एक बयान जारी कर कहा कि भारत बंद सांके

ड की मांग पर 30 दिसंबर को भारत बंद, रेल-रोड ...

आदिवासी संगठन कास्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मान्यता को लेकर 30 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान

रिपोर्ट : नितीश मिश्र

राँची(खबर_आजतक):स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धुमकुड़िया भवन में शनिवार को 12:00 बजे से 3:00 बजे तकस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मान्यता हेतू 30 दिसंबर के भारत बंद को जोरदार सफल बनाने का फैसला लिया गया। केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में आदिवासी सेंगेल अभियान, केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति, आदिवासी छात्र संघ,स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म समन्वय समिति (खूँटी), अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद आदि के प्रतिनिधि शामिल हुए।

इस दौरान फूलचंद तिर्की ने कहा कि जब 1951 की जनगणना तक आदिवासियों के लिए अलग धार्मिक कलम कोड था तो उसे काँग्रेस पार्टी ने क्यों हटाया और अब भाजपा जोर जबरदस्ती आदिवासियों को हिंदू का ठप्पा क्योँ लगाना चाहती है। अतः हमें पार्टियों और नेताओं से ज्यादा जनता और आंदोलन पर भरोसा करना पड़ेगा। बोडोलैंड आंदोलन की तरह जीत हासिल करना होगा। हाल के गुमला, लोहरदगा, खूँटी की बैठकों में भारत बंद के प्रति जनता का बहुत रुझान दिखा है। हमें सालखन मुर्मू की अगुवाई पर विश्वास और भरोसा है। हम जरुर सफल होंगे।

वहीं मुख्य अतिथि के रुप में शामिल पूर्व सांसद और सेंगेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने कहा कि हम हर हाल मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड लेकर रहेंगे अन्यथा हमें जबरन हिंदू, मुसलमान, ईसाई आदि बनने को मजबूर होना पड़ेगा। यह हमारे अस्तित्व की जीवन रेखा है, मौलिक अधिकार है। भारत बंद जोरदार होगा चूँकि इस बार अनेक आदिवासी समाज ( मुण्डा, उराँव, हो, संताल, लोहरा आदि) का समर्थन मिल रहा है। अब तक हम आदिवासियों को धार्मिक आजादी से वंचित करने के लिए काँग्रेस और बीजेपी दोषी है। तब भी हमारा नारा है- जोस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड देगा, आदिवासी उसको वोट देगा।
सालखन मुर्मू ने आगे कहा किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि आंदोलन बृहद आदिवासी एकता का आंदोलन है और भारत में आदिवासी राष्ट्र स्थापित करने का भी आंदोलन है।

आदिवासी छात्र संघ की तरफ से सुमित उराँव, मोनू लकड़ा, मनोज उराँव ने भारत बंद के समर्थन में अपने सार्थक विचार रखे। सेंगेल की तरफ से सुमित्रा मुर्मू, देवनारायण मुर्मू और चंद्र मोहन मार्डी ने विचार रखा। केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति की तरफ से संजय उराँव, प्रमोद एकका, भुनेश्वर लोहरा, अमर तिर्की, चंदन पाहन ने विचार रखा।स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म समन्वय समिति की तरफ से बिरसा कंडीर (खूँटी) ने भारत बंद का समर्थन किया।

इस बैठक में सोहन कच्छप, अमित टोप्पो, नोवेल टोप्पो, बालकु उराँव, निर्मल पाहन, घनश्याम टुडू आदि शामिल थे।

इस बैठक में मूल सुझाव आया कि गाँव- समाज के आदिवासियों को भारत बंद के लिए जगाना, जोड़ना और खड़ा करना होगा ताकि सभी लोग अपने-अपने गांव के पास जत्था बनाकर रेल और रोड चक्का जाम कर सकें। 30 दिसंबर के पहले विभिन्न स्थानों पर मशाल जुलूस निकालना और भारत बंद के लिए प्रचार प्रसार और दीवार लेखन आदि भी करना है।

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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 30 दिसंबर को भारत बंद, आदिवासियों ने कहा- अब हमारी मांग पूरी करने वालों को ही देंगे वोट

स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड लागू करने को 30 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है। आदिवासी सेंगेल अभियान के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण मुर्मू ने कहा कि आदिवासियों को उनकी धार्मिक आजादी से वंचित करने के लिए कांग्रेस-भाजपा दोनों दोषी है। अब वोट उन्‍हें ही मिलेगा जोस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड लागू करेगा। आदिवासियों को मौलिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है यह बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा।

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सिमराकुल्ही में बैठक करते आदिवासी सेंगेल अभियान से जुड़े लोग।
संसू, नावाडीह (बेरमो)। नावाडीह प्रखंड की चपरी पंचायत अंतर्गत सिमराकुल्ही में आदिवासी सेंगेल अभियान की बैठक लालजी मुर्मू की अध्यक्षता में तथा आनंद कुमार सोरेन के संचालन में की गई। बैठक को संबोधित करते हुए आदिवासी सेंगेल अभियान के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण मुर्मू ने कहा कि 30 दिसंबर को सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के आह्वान परस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर भारत बंद किया जाएगा।

आदिवासियों को मौलिक अधिकारों से किया जा रहा वंचित

कहा किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड भारत के प्रकृति पूजक लगभग 15 करोड़ आदिवासियों के अस्तित्व, पहचान, हिस्सेदारी की जीवन रेखा है। आदिवासियों को उनकी धार्मिक आजादी से वंचित करने के लिए कांग्रेस-भाजपा दोनों दोषी हैं। 1951 तक जारी इस व्यवस्था को एक साजिश के तहत हटा दिया गया।

अब भाजपा जबरन आदिवासियों को हिंदू बनाने पर तुली है। जबकि 2011 की जनगणना में 50 लाख से अधिक आदिवासियों नेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म लिखवाया है। बावजूद आदिवासियों को मौलिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


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27 Dec 2024 — इसलिए आदिवासी सेंगेल अभियान को अन्य संगठनों के सहयोग से 30 दिसंबर को भारत बंद और रेल-रोड चक्का जाम करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है. उन्होंने अपील की है किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म लिखाने वाले 50 लाख आदिवासी एवं ...


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15 Dec 2024 — लोहरदगा:स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड को लागू करने की मांग को लेकर झारखंड में 30 दिसंबर को भारत बंद और रेल-रोड चक्का जाम का कार्यक्रम तय किया गया है। गुरुवार को लोहरदगा में आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी सेंगेल अभियान, केंद्रीय ...

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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान का एलान- 30 दिसंबर को ...


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2 Dec 2024 — जमशेदपुर- आदिवासी सेंगेल अभियान नेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड को मान्यता देने की अपनी लंबित मांग को लेकर 30 दिसंबर को भारत बंद और रेल-रोड चक्का जाम का एलान किया है. अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद सालखन ...


30 दिसंबर को भारत बंद व रेल-रोड चक्का जाम, तैयारी तेज,स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड ...


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About this Video :- 30 दिसंबर को भारत बंद व रेल-रोड चक्का जाम, तैयारी तेज,स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड लागू करने की कर रहे हैं मांग #Samacharplusjharkhand #SamacharplusBihar ...


स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान ने 30 दिसंबर को रेल ...


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2 Dec 2024 —स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान ने 30 दिसंबर को रेल रोको-चक्का जाम का आह्वान किया है. दो आगामी कार्यक्रम, 10 दिसंबर को मधुबन, गिरिडीह में मारंग बुरू बचाओ सेंगेल यात्रा और 22 दिसंबर को दुमका में हासा-भाषा ...

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Bharat Band | क्या 30 दिसंबर को भारत बंद है? रेल-रोड चक्का ...


Prabhasakshi

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27 Dec 2024 — आदिवासी संगठन आदिवासी सेंगेल अभियान (एएसए) ने बुधवार को आदिवासी संगठन की लंबे समय से चली आ रही मांगस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म की मान्यता की वकालत करते हुए 30 दिसंबर को ''प्रतीकात्मक'' भारत बंद की घोषणा की। ... मुर्मू ...


आदिवासी सेंगेल अभियानस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 30 ...


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2 Dec 2024 — उन्होंने कहा कि अब उनकी आंदोलन जारी रहेगी। इसी आंदोलन को जारी रखते हुए 30 दिसंबर को सांकेतिक रूप से भारत बंद का ऐलान किया गया है। उन्होंने कहा कि 10 दिसंबर को मधुबन गिरिडीह में मारंगबुरू बचाओ अभियान, 17 ...

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30 दिसंबर को भारत बंद है क्या?

स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड क्या है?

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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड को लेकर रेल-सड़क चक्का जाम बेअसर, सामान्य ...


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30 Dec 2024 — रांची:स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 30 दिसंबर को आदिवासी सेंगेल अभियान ने झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों में रेल और सड़क जाम का आह्वान किया है. इस आंदोलन को आदिवासी सेंगेल अभियान के अलावा केंद्रीय ...


स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 30 दिसंबर को भारत बंद ...


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21 Dec 2024 —स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड लागू करने को 30 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है। आदिवासी सेंगेल अभियान के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण मुर्मू ने कहा कि आदिवासियों को उनकी धार्मिक आजादी से वंचित करने के लिए कांग्रेस- ...

Missing: रोड ‎चक्का


स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 30 दिसंबर को भारत बंद, जानिए ...

Dainik Bharat 24

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27 Dec 2024 — इसलिए आदिवासी सेंगेल अभियान को अन्य संगठनों के सहयोग से 30 दिसंबर को भारत बंद और रेल-रोड चक्का जाम करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। उन्होंने अपील की है किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म लिखाने वाले 50 लाख आदिवासी एवं ...


PM मोदी के दौरे से पहलेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्मकोड के लिए प्रदर्शन, 30 ...


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9 Nov 2024 —स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्मकोड की मांग को लेकर बुधवार को मोरहाबादी मैदान में राज्यस्तरीय जनसभा हुई। सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने धर्मकोड लागू न होने पर 30 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया है।, ...


आदिवासी संगठन कास्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मान्यता को लेकर 30 दिसंबर ...


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17 Dec 2024 — रिपोर्ट : नितीश मिश्र राँची(खबर_आजतक):स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धुमकुड़िया भवन में शनिवार को 12:00 बजे से 3:00 बजे तकस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मान्यता हेतू 30 दिसंबर के भारत बंद को जोरदार सफल बनाने का फैसला लिया गया।


Insider Live:स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान का एलान- 30 ...


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Insider Live:स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान का एलान- 30 दिसंबर को भारत बंद, रेल- रोड चक्का जाम · Comments.


आदिवासी सेंगल अभियान कास्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर ...


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घाटशिला| आदिवासी सेंगल अभियान नेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 30 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। अभियान ने उस दिन अपनी मांगों के समर्थन में चक्का जाम करने का भी निर्णय लिया है।

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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड पर भारत बंद का झारखंड में मिला-जुला असर, कहीं ...


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30 Dec 2024 — जबकि झारखंड के राज्यपाल से मिलकर उन्हें भी ज्ञापन दे चुके हैं. इधर, 30 दिसंबर को भारत बंद के आह्वान पर जिला और रेल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रही. टाटानगर रेलवे स्टेशन के अंदर और ...


स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर उतरे आदिवासी।


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30 Dec 2024 — इसी अगला आंदोलन को जारी रखते हुए सांकेतिक रुप से भारत बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 10 दिसंबर को मधुबन गिरिडीह में मारंगबुरू बचाओ अभियान, 17 दिसंबर को चाईबासा में सेंगेल जनजागरण सभा तथा 22 दिसंबर को ...


आदिवासीस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड़ को अविलंब लागू करें भारतस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कार, लगभग ...


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28 Jan 2024 — आखिर हम जाएं तो कहां जाएं ? अतएव फिर 7 अप्रैल 2024 को भारत बंद, रेल- रोड चक्का जाम को हम मजबूर हैं, यदि 31 मार्च 2024 तकस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मान्यता के ...


खूंटी मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर महारैली आज

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7 Jan 2024 —स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 7 अप्रैल को भारत बंद की घोषणा की गई है. बता दें,स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 30 दिसंबर को आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से भारत बंद आहूत किया गया था. इससे लेकर ...


स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म को मान्यता दिलाने के लिए 30 दिसंबर को भारत बंद का ...


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27 Dec 2024 — जमशेदपुर: आदिवासी संगठन आदिवासी सेंगेल अभियान (एएसए) ने बुधवार कोस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म को मान्यता देने की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग के समर्थन में 30 दिसंबर को 'प्रतीकात्मक' भारत बंद का आह्वान किया है।

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भारत बंद: आदिवासी संगठनों नेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड की मांग को लेकर रेल और ...


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30 Dec 2024 — मौके पर केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा भारत बंद सफल रहा। पूरे देश में आदिवासीस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड की मांग पर लोग सड़क पर उतरकर रेल रोड चक्का जाम करस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड लागू करो का नारा बुलंद ...


रेल रोको आंदोलन:स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग पर बंद समर्थकों ने ...


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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड को मान्यता देने की मांग को लेकर शनिवार को आदिवासी सेंगल अभियान के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। जाम लगाया। ट्रेनें रोकीं। आदिवासी सेंगल अभियान ने शनिवार को भारत बंद और रेल चक्का जाम करने का आह्वान किया ​था।

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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड को लेकर समन्वय समिति ने की मीटिंग, 30 दिसंबर ...


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3 Dec 2024 — बैठक मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि ्वसम्मति से 30 दिसंबर कोस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म की मांग को लेकर प्रस्तावित भार Badi Khabar

लोहरदगा: स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड लागू करने की मांग को लेकर 30 दिसंबर को भारत बंद और रेल-रोड चक्का जाम किया जाएगा. इसे लेकर गुरुवार को आदिवासी सेंगेल अभियान, केन्द्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, जिलास्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति लोहरदगा, राजी पड़हा प्रार्थना सभा लोहरदगा जिला एवं विभिन्नस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि आदिवासी संगठन के अगुवा लोगों की बैठक सह प्रेस कॉन्फ्रेंस लोहरदगा में हुई. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलास्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति लोहरदगा के अध्यक्ष चैतू उरांव ने की. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सालखन मुर्मू एवं विशिष्ट अतिथि के तौर पर केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की उपस्थित थे. इन्होंने कहा कि 30 दिसंबर 2024 को आदिवासी भारत बंद और रेल-रोड चक्का जाम करेंगे. ये बंद ऐतिहासिक होगा.

30 दिसंबर को भारत बंद

आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने कहा किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड भारत के प्राकृतिक पूजक लगभग 15 करोड़ आदिवासियों के अस्तित्व, पहचान व हिस्सेदारी की जीवन रेखा है. 2011 की जनगणना में 50 लाख आदिवासियों नेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म लिखवाया था.स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड के बगैर आदिवासियों को जबरन हिंदू, मुसलमान, ईसाई आदि बनाना धार्मिक गुलामी को मजबूर करना है. 15 नवंबर को प्रधानमंत्री उलिहातू और राष्ट्रपति का 20 नवंबर 2024 को मयूरभंज के बारीपदा आए थे, परंतुस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड को लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा. इस कारण आदिवासी समाज आंदोलन के लिए बाध्य है एवं 30 दिसंबर 2024 को आदिवासी भारत बंद और रेल रोड चक्का जाम करेंगे. त बंद तथा रेल रोड चक्का जाम का समर्थन करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर पड़हा रा Bharat Bandh:स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड को लेकर झारखंड में आदिवासियों ने रेल-रोड चक्का किया जाम, केंद्रस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कार से की ये मांग

रांची: स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड लागू करने की मांग को लेकर केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद एवं आदिवासी सेंगेल अभियान के द्वारा बुलाए गए भारत बंद के तहत झारखंड के रांची, हजारीबाग, लोहरदगा, खूंटी समेत सात राज्यों में रेल-रोड चक्का जाम किया गया. राजधानी रांची में अनगड़ा प्रखंड अंतर्गत गंगाघाट पर रेल-रोड चक्का जाम किया गया. गंगाघाट रोड एवं रेल पटरी पर उतरकर आदिवासी समुदाय के लोगस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड की मांग कर रहे थे. गंगाघाट रेलवे स्टेशन में केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की, उपाध्यक्ष प्रमोद एक्का, सोमरा उरांव, गंगा मुंडा, साजन उरांव, प्रभु उरांव, मंगरु उरांव एवं गाजु उरांव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क एवं रेल पटरी पर उतरकर प्रदर्शन किया.

झारखंड के कई जिलों में रेल-रोड चक्का जाम

रांची के कोकर में केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति के महासचिव संजय तिर्की के नेतृत्व में सड़क जाम किया गया. हजारीबाग मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति हजारीबाग के अध्यक्ष महेंद्र बेक के नेतृत्व में आई लव यू चौक जाम किया गया. लोहरदगा जिले में जिलास्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति लोहरदगा के अध्यक्ष चैतू उरांव के नेतृत्व में लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकी गयी एवं कचहरी रोड में मुख्य चौक पर सड़क जाम किया गया.

Also Read: भारत बंद का असर: झारखंड में सड़क जाम, दुकानें बंद, कहीं सड़कों पर तो, कहीं रेलवे ट्रैक पर बैठे आदिवासी

2024 के चुनाव से पहले लागू होस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड

केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने भारत बंद को सफल बताया. उन्होंने कहा कि पूरे देश में आदिवासीस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड की मांग को लेकर सड़क पर उतरे और रेल-रोड चक्का जाम करस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड लागू करो का नारा बुलंद कर रहे थे. उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव से पहले यदि केंद्रस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कारस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कारस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड लागू नहीं करती है तो आदिवासी केंद्रस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कार को उखाड़ फेंकेंगे. केंद्रीयस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि समिति के उपाध्यक्ष प्रमोद एक्का ने कहा किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड नहीं रहने से जबरन आदिवासी को हिंदू एवं ईसाई बनाया जा रहा है.स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड लागू होने से हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई, जैन, बौद्ध अपने आप डीलिस्टिंग हो जाएंगे.

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जा सोमा ...

Bharat Band over स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि Dharma Code. झारखंड में भारत बंद का आंशिक असर दिया.स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड को लेकर कहीं कहीं आदिवासी संगठन के कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम किया तो कहीं पर दुकाने भी बंद कराई.

जमशेदपुर/चाईबासा/खूंटी: स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर बुलाए गए भारत बंद का झारखंड में मिला जुला असर रहा. झारखंड के कई जिलों इसका कोई असर नहीं दिखा तो पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम और खूंटी में आंशिक असर दिखा. आदिवासी संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर कहीं रोड जाम किया तो कहीं दुकानें बंद कराई.

पूर्वी सिंहभूम में मिला-जुला असर: जमशेदपुर में आदिवासी सेंगल अभियान द्वारा आहूत भारत बंद का असर करनडीह में देखने को मिला. जहां बंद समर्थकों ने टाटा-हाता चाईबासा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. बंद समर्थकों का कहना है किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड लागू करने की मांग काफी पुरानी है, लेकिन केंद्रस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कार इसे मान्यता नहीं दे रही है. बंद समर्थकों ने वर्तमान झारखंडस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कार पर भी निशाना साधा है. बंद समर्थक करनडीह चौक के पास भारी संख्या में सड़क पर उतरे. ये लोगस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड लागू करो के नारे लगा रहे थे. बंद समर्थकों में महिलाएं भी शामिल थीं. जमशेदपुर के करनडीह चौक के आस पास की दुकाने बंद रहीं जबकि शहर में बंद का असर नहीं दिखा.

स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को ले महजुटान,देश के कई राज्यों और विदेशों ...

 

खूंटी मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर महारैली आज

खूंटी मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के  भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर महारैली आज

न्यूज़11 भारत 


रांची/डेस्क: आज, 7 जनवरी को खूंटी मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड महारैली निकाली जाएगी. इसके सफल आयोजन के लिए कोर कमेटी का गठन किया गया.स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड महारैली में खूंटी के अलावा रांची, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिम सिंहभूम केस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्मावलंबी शामिल होंगे. 


सोमा मुंडा ने कहा किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्मावलंबियों की संख्या 50 लाख से अधिक होने के बावजूद धर्म कोड नहीं दिया जा रहा है.स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड के लिए जोरदार आंदोलन करने की जरूरत है.स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड भारत के लाखों प्रकृति पूजकों के अस्तित्व एवं अस्मिता का सवाल है।. उन्हें उनकी धार्मिक आजादी से वंचित करना क्रूर मजाक है. 


मगर आदिवासियों को उनकी धार्मिक आजादी से वंचित करने के लिए कांग्रेस-बीजेपी दोषी है. 1951 की जनगणना तक यह प्रावधान था. बाद में कांग्रेस ने हटा दिया और अब भाजपा जबरन आदिवासियों को हिंदू बनाना चाहती है.


स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड को लेकर 7 अप्रैल को भारत बंद 


स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 7 अप्रैल को भारत बंद की घोषणा की गई है. बता दें,स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को लेकर 30 दिसंबर को आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से भारत बंद आहूत किया गया था. इससे लेकर जमशेदपुर के कदमा में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर भारत बंद की घोषणा की गई है. 


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आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने कहा कि अगर 31 मार्च तकस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड का ऐलान नहीं हुआ तो 7 अप्रैल को एक बार फिर से भारत बंद किया जाएगा. इस दौरान रेल-रोड चक्का जाम किया जाएगा. इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र भी लिखा गया है. 

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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान का एलान- 30 दिसंबर को भारत बंद, रेल- रोड चक्का जाम

स्वर्गीय श्रीमती डी के  भाटी स्वादिष्ट योनि  धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान का एलान- 30 दिसंबर को भारत बंद, रेल- रोड चक्का जाम

जमशेदपुर- आदिवासी सेंगेल अभियान नेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड को मान्यता देने की अपनी लंबित मांग को लेकर 30 दिसंबर को भारत बंद और रेल-रोड चक्का जाम का एलान किया है. अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने कहाकि "स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड भारत के प्रकृति पूजक लगभग 15 करोड़ आदिवासियों के अस्तित्व, पहचान, हिस्सेदारी का जीवनरेखा है। आदिवासियों को उनकी धार्मिक आजादी से वंचित करने के लिए कांग्रेस- बीजेपी दोषी हैं। "

1951 की जनगणना तक यह प्रावधान था, जिसे बाद में कांग्रेस ने हटा दिया और अब भाजपा जबरन आदिवासियों को हिंदू बनाना चाहती है। एक बयान में मुर्मू ने कहा कि 2011 की जनगणना में 50 लाख आदिवासियों नेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म लिखाया था जबकि जैन की संख्या 44 लाख थी।

अतः आदिवासियों को मौलिक अधिकार से वंचित करना संवैधानिक अपराध जैसा है।स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड के बगैर आदिवासियों को जबरन हिंदू, मुसलमान, ईसाई आदि बनाना धार्मिक गुलामी को मजबूर करना है।स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मान्यता मानवता और प्रकृति- पर्यावरण की रक्षार्थ भी अनिवार्य है।

स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि हेतु प्रधानमंत्री का उलिहातू दौरा (15.11.23) और राष्ट्रपति का बारीपदा दौरा (20.11.23) भी बेकार साबित हुआ।

स्वर्गीय श्रीमती डी के  भाटी स्वादिष्ट योनि  धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान का एलान- 30 दिसंबर को भारत बंद, रेल- रोड चक्का जाम

मुर्मू ने कहा कि उपरोक्त तथ्यों के आलोक में आदिवासी सेंगेल अभियान 30 दिसंबर को सांकेतिक एकदिनी भारत बंद और रेल- रोड चक्का जाम को मजबूर है। भारत बंद मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड लिखने वाले 50 लाख आदिवासी एवं अन्य सभीस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म संगठनों को सेंगेल अपने-अपने गांव के पास एकजुट प्रदर्शन करने का आग्रह और आह्वान करता है।स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म पूजा स्थलों यथा मरांग बुरु, लुगु बुरु, अयोध्या बुरु आदि को बचाने के लिए भी सेंगेल दृढ़ संकल्पित है। सेंगेल ने 10 दिसंबर को मधुबन,गिरिडीह में मरांग बुरु बचाओ सेंगेल यात्रा और 22 दिसंबर को दुमका में हासा- भाषा विजय दिवस का आयोजन तय किया है।

सेंगेल किसी पार्टी और उसके वोट बैंक को बचाने के बदले आदिवासी समाज को बचाने के लिए चिंतित है। सेंगेल का नारा है- पार्टियों की गुलामी मत करो, समाज की बात करो। हासा, भाषा, जाति, धर्म, रोजगार आदि बचाना अब ज्यादा जरूरी है।

स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म को उसके अनुयायी एक अलग धार्मिक समूह के रूप में स्वीकार करते हैं, जो मुख्य रूप से प्रकृति के उपासकों से बना है।स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि आस्था के मूल सिद्धांत "जल (जल), जंगल (जंगल), ज़मीन (जमीन)" के इर्द-गिर्द घूमते हैं, जिसमें अनुयायी वन क्षेत्रों के संरक्षण पर जोर देते हुए पेड़ों और पहाड़ियों की पूजा करते हैं। पारंपरिक प्रथाओं के विपरीत,स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि विश्वासी मूर्ति पूजा में शामिल नहीं होते हैं और वर्ण व्यवस्था या स्वर्ग- नरक की अवधारणाओं में विश्वास नहीं करते हैं।स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि के अधिकांश अनुयायी ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम जैसे आदिवासी बेल्ट में केंद्रित हैं।

स्वर्गीय श्रीमती डी के  भाटी स्वादिष्ट योनि  धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान का एलान- 30 दिसंबर को भारत बंद, रेल- रोड चक्का जाम
स्वर्गीय श्रीमती डी के  भाटी स्वादिष्ट योनि  धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान का एलान- 30 दिसंबर को भारत बंद, रेल- रोड चक्का जाम
स्वर्गीय श्रीमती डी के  भाटी स्वादिष्ट योनि  धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान का एलान- 30 दिसंबर को भारत बंद, रेल- रोड चक्का जाम
स्वर्गीय श्रीमती डी के  भाटी स्वादिष्ट योनि  धर्म कोड: आदिवासी सेंगेल अभियान का एलान- 30 दिसंबर को भारत बंद, रेल- रोड चक्का जाम

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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि को धर्म की मान्यता देने की मांग पर आदिवासी सेंगेल अभियान (एएसए) ने 30 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है. सेंगेल प्रमुख सालखन मुर्मू ने एक दिन के सांकेतिक भारत बंद का आह्वान करते हुए कहा है किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि देश के 15 करोड़ आदिवासी (जनजातीय समुदायों) की पहचान है. आदिवासियों के धर्म को मान्यता नहीं देना उनके साथ अन्याय है. एक तरह से संवैधानिक अपराध भी है. सालखन मुर्मू ने बुधवार (27 दिसंबर) को एक बयान जारी कर कहा है कि किसी समुदाय पर दूसरे धर्मों का पालन करने के लिए दबाव बनाना, उन्हें धर्म की दासता स्वीकार करने के लिए बाध्य करने की तरह है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ने ही आदिवासियों को उनकी धार्मिक स्वतंत्रता से वंचित किया है. सेंगेल प्रमुख मुर्मू ने दावा किया कि वर्ष 1951 की जनगणना मेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म के लिए अलग संहिता थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे बाद में समाप्त कर दिया. वहीं, भाजपा अब आदिवासियों को वनवासी और हिंदू बनाने की कोशिश कर रही है.

स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड देने वालों को ही वोट देंगे आदिवासी

सालखन मुर्मू ने कहा कि आदिवासी सेंगेल अभियान आदिवासी समुदाय के हितों को सुरक्षित रखने के पक्ष में है. इसलिए लगातारस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कार से संवैधानिक तरीके से आदिवासियों को उनका धर्मकोड देने की मांग कर रहा है. लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सालखन मुर्मू ने कहा है कि आदिवासी समाज उसी पार्टी को वोट देगा, जोस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड को मान्यता देने की बात करेगी. उन्होंने कहा कि पूरे भारत में आदिवासियों की आबादी करीब 15 कोड़ है. ये लोग प्रकृति की पूजा करते हैं.स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड उनके अस्तित्व की पहचान का हिस्सा है. आदिवासियों कोस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. अगर उन्हेंस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि कोड नहीं मिलता है, तो यह उनको उनकी धार्मिक आजादी से वंचित करने का प्रयास है. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही इसके लिए समान रूप से दोषी हैं.

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2011 की जनगणना में 50 लाख लोगों ने अपना धर्म लिखाया ‘स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि ’

सेंगेल के प्रमुख ने कहा कि वर्ष 2011 में जब देश में जनगणना हुई थी, तो उसमें 50 लाख आदिवासियों ने अपना धर्म ‘स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि ’ लिखवाया था. उस समय जैन की संख्या 44 लाख थी.स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड के बगैर आदिवासियों को जबरन हिंदू, मुसलमान, ईसाई बनाना जनजातीय समुदाय के लोगों को धार्मिक गुलामी के लिए मजबूर करना है. सालखन मुर्मू ने कहा किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मान्यता मानवता और प्रकृति- पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री 15 नवंबर 2024 को भगवान बिरसा मुंडा के गांव उलीहातु आए, महामहिम राष्ट्रपति ने 20 नवंबर 2024 को बारीपदा दौरा किया. ये दोनों यात्राएं बेकार साबित हुईं.

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राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से भी मिली निराशा : सालखन मुर्मू

पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से अपील की गई कि वेस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मान्यता की पहल करें. लेकिन, उनसे भी निराशा हाथ लगी है. अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है. इसलिए आदिवासी सेंगेल अभियान को अन्य संगठनों के सहयोग से 30 दिसंबर को भारत बंद और रेल-रोड चक्का जाम करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है. उन्होंने अपील की है किस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म लिखाने वाले 50 लाख आदिवासी एवं अन्य सभीस्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म के समर्थक संगठन अपने-अपने गांव के पास एकजुट होकर प्रदर्शन करें. उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा में 11 नवंबर 2020 को जिन पार्टियों ने धर्म कोड बिल का समर्थन किया था, उन्हें भी सामने आना होगा. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में होगी.

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स्वर्गीय श्रीमती डी के भाटी स्वादिष्ट योनि धर्म कोड की मांग को ले महजुटान,देश के कई राज्यों और विदेशों से आदिवासी समाज के लोग हो रहे शामिल · Comments60.

Missing: दिसंबर ‎भारत ‎बंद ‎रेल- ‎रोड ‎चक्का ‎जाम


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