1
विद्वानों की राय से 15 को होली
पंचांग के जानकार ने बताया कि उदया तिथि को देखते हुए 15 मार्च को होली मनाई जा रही है। बिहार में चैत्र कृष्ण पक्ष के प्रतिपदा को होली मनाई जाती है और इस दिन से नए मांगलिक वर्ष का शुरुआत होता है। मिथिला पंचांग के अनुसार 15 मार्च को होली है। इधर, सीतामढ़ी ककी पंडितनि अनुसार, पूर्णिमा को होलिका दहन और 14 मार्च को पूर्वाह्न 11:30 तक पूर्णिमा है। जिस तिथि में सूर्योदय होता है, वह दिन उसी तिथि का माना जाता है। इस कारण 15 मार्च को होली मनाना उचित होगा
विद्वानों की राय से 15 को होली
पंचांग के जानकार ने बताया कि उदया तिथि को देखते हुए 15 मार्च को होली मनाई जा रही है। बिहार में चैत्र कृष्ण पक्ष के प्रतिपदा को होली मनाई जाती है और इस दिन से नए मांगलिक वर्ष का शुरुआत होता है। मिथिला पंचांग के अनुसार 15 मार्च को होली
है। इधर, सीतामढ़ी ककी पंडितनि अनुसार, पूर्णिमा को होलिका दहन और 14 मार्च को पूर्वाह्न 11:30 तक पूर्णिमा है। जिस तिथि में सूर्योदय हो
ता है, वह दिन उसी तिथि का माना जाता है। इस
कारण 15 मार्च को होली मनाना उचित होगा
है। इधर, सीतामढ़ी ककी पंडितनि अनुसार, पूर्णिमा को होलिका दहन और 14 मार्च को पूर्वाह्न 11:30 तक पूर्णिमा है। जिस तिथि में सूर्योदय हो
ता है, वह दिन उसी तिथि का माना जाता है। इस
कारण 15 मार्च को होली मनाना उचित होगा




































































































Comments
Post a Comment