अफ्रीकन कन्याएं वाशिंगटन निवासी भाटी धोवन के भरोसे पोंद के अस्तित्व को बरकरार रखने का असफल प्रयास कर रही है। धन्यवाद African girls are trying un successfully to maintain the existence of ASS with the help of Washington residential Bhati WASHER WOMAN. Thank you

































































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जैसलमेर में बर्ड फ्लू से कुरजां समेत अन्य पक्षियों की मौत. प्रशासन अलर्ट पर, शवों का निस्तारण और रोकथाम उपाय जारी.

पहली बार 11 जनवरी को देगराय ओरण में 6 मृत कुरजां पक्षी पाए गए. इसके बाद 12 जनवरी को 2, 13 जनवरी को 2, 15 जनवरी को 3 और 16 जनवरी को 1 कुरजां का शव मिला. 17 जनवरी को मोहनगढ़ के बांकलसर गांव में 13 कुरजां के शव मिले हैं. इन मौतों के बाद, कुल मिलाकर अब तक 27 कुरजां, 1 कोयल और 1 यूरेशियन कल्चर पक्षी की मौत हो चुकी है. इसके बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग ने मृत पक्षियों के शवों को दफनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 2 कुरजां के शवों के सैंपल भोपाल स्थित निषाद लैब भेजे गए हैं. shington residential Bhati WASHER WOMAN. Thank you

HMPV के बाद "मारबर्ग" वायरस की दहशत, तंजानिया में आठ लोगों की ले ली जान

HMPV के बाद

Markburg Virus Breakout: अभी तक कोरोना और एचएमपीवी संक्रमण के चलते दुनिया दहशत में थी। मगर अब एक और नया वायरस आने से हड़कंप मच गया है। इस वायरस का नाम मारबर्ग बताया गया है, जिसकी वजह से तंजानिया में 8लोगों की जान चली गई। इन मौतों के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अलर्ट हो गया है। डब्ल्यूएचओ ने बुधवार यानी 15जनवरी को कहा कि उत्तरी तंजानिया के सुदूर हिस्से में संदिग्ध मारबर्ग के प्रकोप से आठ लोगों की जान चली गई है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने एक बयान में बताया कि हमें तंजानिया में मारबर्ग वायरसे से संक्रमित 9मामलों का की जानकारी है। जिनमें 8लोगों की जान चली गई। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक इबोला की तरह मारबर्ग वायरस फलों, चमगादड़ों से फैलता है और संक्रमित व्यक्तियों के शारीरिक तरल पदार्थ या दूषित चादर जैसी सतहों के निकट संपर्क के माध्यम से अन्य लोगों में फैलता है।

88 फीसदी लोगों के लिए घातक है मारबर्ग

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, अगर उपचार नहीं कराया गया तो मारबर्ग के प्रकोप से बीमार पड़ने वाले 88फीसदी लोगों के लिए यह घातक हो सकता है। इसके लक्षणों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, दस्त, उल्टी और कुछ मामलों में अत्यधिक रक्त हानि के कारण जान भी जा सकती है। हालांकि, फिलहाल मारबर्ग के लिए कोई अधिकृत उपचार या टीका अभी नही आई है।डब्ल्यूएचओ ने कहा कि तंजानिया में संदिग्ध प्रकोप के लिए उसका जोखिम मूल्यांकन राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर अधिक है, लेकिन वैश्विक स्तर पर ज्यादा नहीं है। तंजानिया के स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है।  

रवांडा में मिला था मारबर्ग का मामला

बता दें कि, पहली बार 27 सितंबर को रवांडा में मारबर्ग का प्रकोप  रिपोर्ट किया गया था। इसका ऐलान 20 दिसंबर को किया गया था। रवांडा के अधिकारियों ने इसके प्रकोप से कुल 15 मौतों और 66 मामलों की बात कही थी। इनमें से अधिकांश प्रभावित मरीज वो स्वास्थ्यकर्मी थे, जिन्होंने पहले रोगियों का इलाज किया। रवांडा के साथ सीमा साझा करने वाले कागेरा के मारबर्ग में 2023 में फैलने से कम से कम पांच लोगों की जान चली गई थी।  अफ्रीकन कन्याएं वाशिंगटन निवासी भाटी धोवन के भरोसे पोंद के अस्तित्व 

HMPV वायरस से बांग्लादेश में एक महिला की मौत, क्या भारत में भी है इतना खतरा, डॉक्टर से जानें कितना गंभीर

First Death from HMPV in Bangladesh: बांग्लादेश में ह्यूमन मेटापन्यूमोवायरस से एक महिला की मौत हुई है. माना जा रहा है कि बांग्लादेश में एचएमपीवी के कारण यह पहली मौत है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि यह बीमारी क्या भारत के लिए भी...और पढ़ें

HMPV वायरस से बांग्लादेश में एक महिला की मौत, क्या भारत में भी है इतना खतरा

First Death from HMPV in Bangladesh: ह्यूमन मेटापन्यूमोवायरस के दुनियाभर से मामले सामने आ रहे है. बांग्लादेश में भी इस वायरस से एक महिला की मौत की खबर सामने आई है. महिला पहले से ही कई तरह की स्वास्थ्य जटिलताओं से जुझ रही थी. ह्यूमन मेटापन्यूमोवायरस से मरने वाली महिला संजीदा अख्तर का अस्पताल में इलाज चल रहा था, मगर बुधवार को महिला ने दम तोड़ दिया. अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट अरिफुल बशर ने गुरुवार एक बयान जारी कर कहा कि महिला पहले से ही मोटापे, किडनी की समस्या और फेफड़ों संबंधी बीमारियों से पीड़ित थी. बता दें कि बांग्लादेश में एचएमपीवी का पहला मामला सामने आने के कुछ दिनों बाद महिला की मौत हुई है. महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी.

महिला कई अन्य बीमारियों से पीड़ित थी
महामारी विज्ञान रोग नियंत्रण और अनुसंधान संस्थान (आईईडीसीआर) में वायरोलॉजी के प्रमुख अहमद नौशेर आलम ने कहा कि महिला का निमोनिया के एक प्रकार क्लेबसिएला न्यूमोनिया के लिए भी परीक्षण किया गया था जो पॉजिटिव आया. उन्होंने बताया कि मरीज ने विदेश यात्रा नहीं की थी.आईईडीसीआर की निदेशक तहमीना शिरीन ने पहले कहा था कि एचएमपीवी का पहली बार बांग्लादेश में 2017 में पता चला था. तब से, वायरस की पहचान लगभग हर साल सर्दियों में की जाती रही है. अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के अनुसार, 2001 में खोजा गया एचएमपीवी रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस न्यूमोविरिडे का वेरिएंट है. मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक टेस्टिंग के उपयोग ने एचएमपीवी की पहचान और जागरूकता को बढ़ा दिया है क्योंकि यह ऊपरी और निचले श्वसन संक्रमण का एक महत्वपूर्ण कारण है. सीडीसी के अनुसार, एचएमपीवी सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है. यह ज्यादातर छोटे बच्चों और बड़ी उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रहा है. सी.डी.सी. के अनुसार, एच.एम.पी.वी. से जुड़े लक्षणों में खांसी, बुखार, नाक बंद होना और सांस लेने में तकलीफ शामिल है.

क्या यह इतना खतरनाक है
सी के बिड़ला अस्पताल, गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसीन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तुषार तायल बताते हैं कि यह वायरस नया नहीं है. इसलिए इसके ज्यादा गंभीर होने की आशंका बहुत कम है.आमतौर पर एचएमपीवी वायरस सांसों से संबंधित है जो लंग्स में पहुंचकर नुकसान पहुंचाता है. इस तरह के कई वायरस हैं. चूंकि हर तरह के वायरस की पहचान के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं और इसकी जांच हर जगह नहीं होती और महंगी भी होती है, इसलिए इस तरह की बीमारियों का पता कम चलता है. सांसों से संबंधित वायरस जब शरीर में पहुंचता है तो यह अपने आप अपना जीवन चक्र खत्म कर मर जाता है. हमारे शरीर की इम्यूनिटी भी इसे मार देती है. इन सबके बावजूद कुछ वायरस जरूर हमें नुकसान पहुंचाते हैं लेकिन अधिकांश वायरस ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते है और मामूली सर्दी-जुकाम देकर खत्म हो जाते हैं.इस तरह के वायरस का असर बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा होता है. कुछ मामलों में मामला गंभीर हो सकता है लेकिन अधिकांश मामलों में अपने आप ठीक हो जाता है.

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  1. अफ्रीकन कन्याएं वाशिंगटन निवासी भाटी धोवन के भरोसे पोंद के अस्तित्व को बरकरार रखने का असफल प्रयास कर रही है। धन्यवाद
    African girls are trying un successfully to maintain the existence of ASS with the help of Washington residential Bhati WASHER WOMAN. Thank you

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